डसॉल्ट मिराज 2000 के बारे में बातें जो आप नहीं जानते हैं। Things you do not know about Dossault Mirage 2000
जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं कि भारत की आर्मी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आर्मी है इसी के साथ भारत की वायु सेना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना है और भारत के पास जहाजों का एक अच्छा खासा जखीरा भी है।
- इस जहाज को पहली बार पहली उड़ान: 10 मार्च 1978 की गई थी।
- मिराज 2000 को बनाने वाली कंपनी डसॉल्ट एविएशन है जो कि एक फ्रांस की कंपनी है।
- मिराज 2000 पर भारत का बहुत ही ज्यादा विश्वास है क्योंकि मिराज 2000 ने कई बार भारत की युद्ध जीतने में पहले भी मदद कर चुका है।
- मिराज 2000 सिंगल पायलट और डबल पायलट दोनों वर्जन में आता है।
- फ्रांस ने इस जहाज को इस तरीके से तैयार किया है कि यह कठिन जगहों पर भी बमबारी कर सकें।
- जहाज की एक विशेषता और यह भी है कि इसे उतरने के लिए ज्यादा बड़ी हवाई पट्टी की आवश्यकता नहीं होती है केवल 400 मीटर हवाई पट्टी की आवश्यकता होती है।
- एक बात यहां पर और विशेष है अभी आप देख रहे हैं देश में राफेल के नाम पर कितना विवाद मचा हुआ है राफेल बनाने वाली वही कंपनी है डाल्टन एविएशन जो मिराज 2000 भी बनाती है।
- मिराज 2000 का इस्तेमाल कुल मिलाकर दुनिया में केवल 9 देश करते हैं उनमें से एक भारत भी है।
- भारत के पास कुल मिलाकर लगभग 50 मिराज 2000 इस वक्त मौजूद हैं।
- इसमें एक टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाता है जिसे हम कहते हैं स्पेक्ट्रा सिस्टम टेक्नोलॉजी इसका काम यह होता है जब जहाज दुश्मन की इलाके में होता है तो उनकी रडार को भ्रम में डाल देता है जिससे जहाज का सही पता नहीं लग पाता है।और जहाज दुश्मन के इलाके से सुरक्षित निकल आता है।
- मिराज 2000 की अधिकतम गति 2,000 किमी या 1243 मील प्रति घंटे है। यह विमान वास्तव में चल सकता है। उस गति से विमान को उड़ाने में जो तकनीक और कौशल लगती है वह उल्लेखनीय है। भारत ने अपने पायलटों को सबसे गहन परिस्थितियों में प्रदर्शन करने के लिए प्रशिक्षण देने में बहुत पैसा लगाया है।
- अगर एक रिपोर्ट की मानी जाए तो स्पेक्ट्रा सिस्टम की कीमत जहाज की कीमत का 30% है यह इतनी कामयाब टेक्नोलॉजी है की प्रत्येक देश खरीदना चाहता है।
- मिराज 2000 में आपको दो इंजन मिलते हैं जिससे की एक खराब होने की स्थिति में दूसरे का इस्तेमाल किया जा सके।
- दुनिया में कुल मिलाकर मिराज 2000, 583 जहाज है जिसमें सबसे ज्यादा फ्रांस के पास ही है।
- इस विमान की यह बहुत बड़ी खासियत है कि यह 2000 किलोमीटर प्रति घंटा की उड़ान भरने के दौरान भी ड्राइवर की आवाज से नियंत्रण(Voice Recognition) किया जा सकता है अर्थात प्लेन की कार्य क्षमता का एक बड़ा हिस्सा वॉइस कमांड के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है।
- मिराज 2000 जब पूरी तरह से लोड हो जाता है तो यह 30 मिमी रॉकेट, कई अलग-अलग प्रकार की मिसाइलें और लेजर-गाइडेड बम ले जाता है। मिराज 2000 को सबसे कुशल और प्रभावी तरीके से अधिकतम नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया है। यह स्पष्ट है कि भारत इस लड़ाकू जेट पर इतना अधिक प्रयोग क्यों है।
- भारत के पक्ष में एक और बात भारत जो अगला अपडेट वर्जन लेने वाला है वह भारत में ही बनाया जाएगा
हम आशा करते हैं कि मिराज 2000 के बारे में पढ़ने के बाद आपको भारतीय सेना की ताकत का अंदाजा हो गया।
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